हिमाचल में सरकारी कर्मी ने किया फर्जीवाड़ा: नकली दस्तावेजों से GPF से निकाले 19 लाख, FIR

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हिमाचल में सरकारी कर्मी ने किया फर्जीवाड़ा: नकली दस्तावेजों से GPF से निकाले 19 लाख, FIR


ऊनाः
हिमाचल प्रदेश में एक सरकारी अधिकारी द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 19 लाख रुपए का घोटाला करने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक इस बार विजिलेंस की टीम ने ऊना जिले स्थित लोक निर्माण विभाग के विद्युत मंडल के कनिष्ठ सहायक को सरकारी धन का गबन मामले में आरोपित पाया है। 

फर्जी दस्तावेज बना छः निकासियों में निकाला धन, 

आरोप है कि कनिष्ठ सहायक राकेश सिंह ने अधिकारियों को गुमराह करते हुए  वित्तीय वर्ष 2019-20 में फर्जी दस्तावेज बनाकर उनके आधार पर सरकारी ट्रैजरी से करीब 19 लाख रुपए का गबन किया है। यह धनराशि आरोपित ने छः निकासियों से निकाली है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मनीष भुप्पाल ने विजिलेंस की टीम के पास शिकायत दी थी। 

धन प्राप्त के बाद अधिकारी ने किए कागजात नष्ट

मिली शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस टीम ने जांच के दौरान पाया कि कनिष्ठ सहायक के भविष्य निधि खाते में कोई जमा राशि नहीं थी। ऐसे में आरोपित ने फर्जी जीपीएफ निकासी फार्म, बैलेंस शीट, कार्यालय स्वीकृति आदेश, एचपीटीआर-4 बिल जैसे कागजात तैयार कर सरकारी धन का गबन कर लिया। इसके बाद आरोपित ने नकली कागजात को नष्ट कर दिया। 

विभाग के अन्य अधिकारियों पर भी होगी जांच

इसके अलावा विजिलेंस जांच में यह भी सामने आया है कि विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभियंताओं ने इस अग्रिम व आंशिक प्रत्याहरण को स्वीकृत करते हुए अपने कर्त्तव्य का निर्वहन जिम्मेदारी से नहीं किया। इस पर विजिलेंस ने तत्कालीन अधिशाषी अभियंताओं के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है। 

मामले की पुष्टि विजिलेंस डीएसपी ऊना अनिल मेहता ने की है। उन्होंने बताया कि मामले के संबंध में टीम द्वारा जांच जारी है। जल्द ही आरोपी से पूछताछ की जाएगी।

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