हिमाचलः पत्नी की अंतिम इच्छा की पूरी, निःसंतान डॉक्टर ने सरकार को दान की करोड़ों की संपत्ति

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हिमाचलः पत्नी की अंतिम इच्छा की पूरी, निःसंतान डॉक्टर ने सरकार को दान की करोड़ों की संपत्ति


हमीरपुरः
हिमाचल प्रदेश में एक डॉक्टर ने अपनी व दिवंगत पत्नी की आखिरी इच्छा के चलते सारी संपत्ति सरकार के नाम कर दी। बता दें कि इस जोड़े की कोई भी संतान नहीं है इस वजह से उन्होंने अपनी सारी चल-अचल प्रॉपर्टी सरकार के नाम करने का निर्णय लिया था। 

संतान ना होने पर किया था निर्णय-

हमीरपुर जिले के नादौन उपमंडल के तहत पड़ती जोलसप्पड़ पंचायत के रहने वाले 72 वर्षीय डॉ राजेंद्र कंवर स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त चिकित्सक हैं जबकि उनकी पत्नी कृष्णा कंवर शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुईं थीं। इस दौरान एक साल पहले ही डॉ कंवर की पत्नी की मृत्यु हो गई। 

सरकारी नौकरी के दौरान ही किया है सब अर्जित-

इस जोड़े की कोई संतान नहीं थी ऐसे में दोनों ने अपनी सारी चल-अचल संपत्ति सरकार के नाम वसीयत करने का निर्णय लिया था। उनका मानना है कि उन्होंने जो कुछ भी अर्जित किया है वह सरकारी नौकरी के दौरान ही किया है। 

1974 में की थी एमबीबीएस की पढ़ाई-

डॉ कंवर का जन्म 15 अक्टूबर 1952 में जोलसप्पड़ पंचायत के धनेटा गांव के रहने वाले डॉ अमर सिंह व गुलाबा देवी के घर हुआ था। उन्होंने सन् 1974 में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज तत्कालीन समय में स्नोडेन अस्पताल शिमला से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। 

इसके उपरांत अपनी इंटर्नशिप पूरी करके 3 जनवरी 1977 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोरंज में बतौर चिकित्सक ज्वाइन किया। आज भी डॉ कंवर बहुत से मरीजों का इलाज कर उनकी देखभाल कर रहे हैं। डॉक्टर के साथ-साथ वह एक समाजसेवी के तौर पर भी जानें जाते हैं। 

नायब तहसीलदार क्या बोले-

इस संबंध में हमीरपुर जिले के नायब तहसीलदार अतर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि हो सकता है कि ऐसी वसीयत हुई हो, लेकिन यह व्यक्तिगत तथा कॉन्फिडेंशियल डॉक्यूमेंट होता है। व्यक्ति की मृत्यु के बाद संबंधित पटवार सर्कल में दर्ज करवा कर बाकायदा इसके इंतकाल के बाद ही वारिस इसका मालिक बन सकता है। इसके बारे में जिस व्यक्ति ने अपनी बिल दी होती है, वही अपनी इच्छानुसार इस पर कुछ बोल सकता है

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