हिमाचल की बेटी बनी इंटरनेशनल आइकन : आस्ट्रेलिया में मिला युवा वैज्ञानिक पुरस्कार, कर रही हैं शोध

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हिमाचल की बेटी बनी इंटरनेशनल आइकन : आस्ट्रेलिया में मिला युवा वैज्ञानिक पुरस्कार, कर रही हैं शोध


कांगड़ाः
हिमाचल प्रदेश के युवा हर क्षेत्र में अपनी मेहनत और लगन के चलते अपने क्षेत्र व प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। ऐसा ही कर दिखाया है जिला कांगड़ा स्थित पालमपुर क्षेत्र के सुलह से ताल्लुक रखने वाली ओजस्वी राणा ने। 

अन्य अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी कर चुकी हैं हासिल-

मिली जानकारी के मुताबिक ओजस्वी राणा को ऑस्ट्रेलिया में युवा वैज्ञानिक पुरस्कार 2021 से नवाजा गया है। उन्हें ये पुरस्कार कैंसर और अल्जाइमर रोगियों पर पेय पदार्थों के प्रभाव पर उनकी सरल रसायन विज्ञान अनुसंधान परियोजना के लिए दिया गया है। बेटी की इस उपलब्धि पर परिजनों सहित पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। 

ऑस्ट्रेलिया में 12वीं की पढ़ाई कर रही हैं ओजस्वी-

बता दें कि ओजस्वी राणा ऑस्ट्रेलिया में 12वीं कक्षा की पढाई कर रही हैं। उन्हें युवा वैज्ञानिक पुरस्कार के साथ-साथ सेरेब्रल पाल्सी के लिए अपने डिजिटल थेरेपी नवाचार के लिए बायोटेक नवाचार पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है। इसके अलावा उन्हें आस्ट्रेलियन डिफेंस फोर्सेस की ओर से फ्यूचर साइंस इनोवेटर अवार्ड 2021 से भी नवाजा गया है। 

वर्तमान में वह कैंसर और उम्र बढ़ने से संबंधित बीमारियों पर काम कर रही हैं। ताकि कैंसर रोग की जटिलताओं को कम किया जा सके। ओजस्वी के पिता डॉ. अमित राणा ऑस्ट्रेलिया में यूएसए न्यू हेल्थ केयर प्रोडक्टस् और डिजिटल हेल्ट में सर्जन व सीआटो, एडवाइजर और एग्जीक्यूटिव के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। जबकि उनकी माता आशा राणा ऑस्ट्रेलिया अस्पताल में कैंसर रोग विशेषज्ञ के पद सेवाएं दे रही हैं। वहीं, बेटी को पुरस्कार मिलने पर उन्होंने उज्जवल भविष्य की कामना की है।

ओजस्वी राणा का संदेश-

इस संबंध में ओजस्वी राणा का कहना है कि वह पालमपुर में छुट्टियां बिताने के लिए आती हैं। यहां के नदी, पहाड़ व प्राकृतिक सौंदर्य उन्हें बहुत आकर्षित करते हैं। उनका कहना है कि प्रदेश के विद्यार्थियों को विशेषकर छात्राओं को स्कूल में साइंस प्रौद्योगिकी शिक्षा के लिए आगे आना चाहिए, ताकि वे विश्व स्तर पर विज्ञान परियोजनाओं व खोज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकें। 

वे कहती हैं कि उनका प्रयास यहां पर एक जिज्ञासु मानसिकता विकसित करने व अन्वेषण करना है, ताकि हिमाचल प्रदेश को विज्ञान प्रौद्योगिकी हब राज्य बनने में मदद मिल सके। ऐसे में इस दिशा में कदम उठाने व अपने सपनों को पूरा करने के लिए साहस व प्रतिबद्धता रखें।

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