हिमाचल: जलरक्षक घेरेंगे सरकार- NHM कर्मियों का भी विरोध शुरू, HRTC कंडक्टर भी हुए हताश

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हिमाचल: जलरक्षक घेरेंगे सरकार- NHM कर्मियों का भी विरोध शुरू, HRTC कंडक्टर भी हुए हताश


शिमला।
हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार सूबे के कर्मचारियों को इस चुनावी साल में खुश करने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रही है। इसके बावजूद सरकारी कर्मियों के कई सारे वर्ग ऐसे भी हैं, जो सरकार के तोहफों से या तो खुश नहीं हैं या उन्हें कुछ मिला ही नहीं है। इसी कड़ी में जलरक्षकों ने जहां सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है। 

वहीं, नेशनल हेल्थ मिशन के तहत अनुबंध कर्मियों ने प्रदेश भर में विरोध का शंखनाद कर दिया है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम के परिचालक भी छठे वेतन आयोग में त्रुटियों को लेकर विमुख हो गए हैं। उधर पुलिस कर्मियों के पे बैंड की विसंगति पर सरकार ने कदम उठाया है। इसके बावजूद भी पुलिसकर्मी इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि अवधि को दो साल की बजाय 5 साल किया गया है। 

एनएचएम कर्मियों ने किया शंखनाद, काले बिल्ले लगाकर किया कार्यस्थलों पर कार्य

स्थाई पॉलिसी की मांग को लेकर एनएचएम कर्मियों ने काले बिल्ले लगाकर प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताते हुए अपने-अपने कार्यालयों में काम किया। इसके बाद 2 फरवरी को सांकेतिक हड़ताल का ऐलान भी एनएचएम कर्मियों ने कर दिया है। 

जलरक्षकों ने बनाई सरकार के खिलाफ रणनीति, 3 फरवरी को शिमला में हल्लाबोल

हिमाचल प्रदेश जलरक्षक संघ ने प्रदेश सरकार से अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान कर दिया है। संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश सरकार 2 फरवरी तक प्रदेश के जल रक्षकों की मांगों को पूरा नहीं करती है तो वे धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। 

वेतन आयोग में विसंगति को लेकर HRTC कंडक्टर हताश

हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम के परिचालक भी छठे वेतन आयोग में त्रुटियों को लेकर विमुख हो गए हैं। सीएम को भेजे एक पत्र में निगम के परिचालकों ने कहा कि 3 जनवरी 2022 को छठे वेतन आयोग के नियम अधिसूचित किए गए हैं। लेकिन इन नियमों से परिचालक वर्ग को नुकसान हुआ है। ज्ञापन में कहा गया कि परिचालक वर्ग एक लिपिक श्रेणी में आते हैं। पांचवें वेतन आयोग में भी परिचालक वर्ग के साथ अन्याय हुआ है।

लिपिक की भांति नियमित होने पर 5910-20200 पे बैंड के साथ 2400 ग्रेड पे दिया गया। लेकिन उसमें वेतन आयोग की फिटमेंट टेबल के हिसाब से 9880 पहली बेसिक बनती है, जिसे लिपिक श्रेणी के लिए वैसे ही रखा गया है, लेकिन परिचालक वर्ग के लिए रेगुलर होने पर पहली बेसिक 8310 की गई है। लिपिक श्रेणी को दो साल के बाद प्रोबेशनर पीरियड पूरा करने पर 10,300-34,800 और 3200 ग्रेड पे का  लाभ दिया जाता है, जबकि परिचालक वर्ग को ये लाभ नहीं दिया जाता।

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