अब जयराम के मंत्री ने किया कारगिल योद्धा का अपमान, खुद रह चुके हैं सैनिक- बनेगा बड़ा मुद्दा

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अब जयराम के मंत्री ने किया कारगिल योद्धा का अपमान, खुद रह चुके हैं सैनिक- बनेगा बड़ा मुद्दा


मंडी/बिलासपुर।
हिमाचल प्रदेश में बीते साल के अंत में हुए उपचुनावों में सबकी निगाहें मंडी लोकसभा सीट पर टिकी हुई थीं। बीजेपी ने जहां कारगिल हीरो खुशाल चंद को अपन उम्मीदवार बनाया था। वहीं, दूसरी तरफ थी प्रतिभा सिंह। इस उपचुनाव में बीजेपी ने प्रतिभा सिंह द्वारा दिए गए एक बयान को मुद्दा बनाया था और प्रतिभा सिंह पर कारगिल के शहीदों का अपमान करने का आरोप लगाया था। हालांकि, बीजेपी का यह दांव उस वक्त काम नहीं आया और प्रतिभा सिंह सांसद चुनी गईं। 

सेवा दे रहे कारगिल योद्धा को बता दिया मृत 

वहीं, अब आज बड़ी खबर सामने आ रही है कि जयराम सरकार के कद्द्वर मंत्री ने वही गलती दुहरा दी है, जिसे लेकर बीजेपी ने प्रतिभा सिंह को घेरने का काम किया था। दरअसल, जयराम सरकार के जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की जुबान फिसल गई और वो कारगिल योद्धा व परमवीर चक्र विजेता संजय कुमार का अपमान कर बैठे। 

खुद भी सैनिक रह चुके हैं मंत्री 

बतौर रिपोर्ट्स, अब भी देश सेवा में जुटे कारगिल योद्धा व परमवीर चक्र विजेता संजय कुमार को मंत्री महोदय ने मरणोपरांत परमवीर चक्र मिलने की बात कह दी। बिलासपुर में गणतंत्र दिवस पर आयोजित जिलास्‍तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्‍य अतिथि पहुंचे महेंद्र सिंह ठाकुर ने अपने संबोधन में देश के वीरों की गाथा सुनाते हुए बिलासपुर के वीर जवान संजय कुमार के सम्मान का नाम भी गलत बोल दिया। मंत्री ने मंच से कह दिया 'उन्हें मरणोपरांत परमजीत चक्र से नवाजा गया।'

गौरतलब है कि मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर खुद एक सैनिक रह चुके हैं और अब उन्होंने गणतंत्र दिवस के मौके पर वीर सैनिक का अपमान कर दिया। हैरानी की बात है कि देश के तीन जीवित परमवीर चक्र विजेताओं के नाम भी मंत्री याद नहीं रख सके। इनमें दो योगिंदर सिंह और संजय कुमार कारगिल युद्ध 1999 के योद्धा हैं और बाना सिंह 1987 सियाचिन के वीर हैं। इस पूरे प्रकरण का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने लगा है।

कांग्रेस नहीं छोड़ेगी मौका 

अब ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा मंत्री के इस बयान को बड़ा मुद्दा बनाया जा सकता है। क्योंकि उपचुनाव के दौरान बीजेपी के हमलावर रुख को देखते हुए शहीदों के अपमान के मसले पर कांग्रेस को भी एक बार के लिए अपने पांव पीछे खींचने पड़ गए थे। ऐसे में मुमकिन है कि कांग्रेस अपना बदला जरूर लेगी। 

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