हिमाचल में कर्मचारी असंतुष्ट: अब इस छोर से भी उठी पंजाब के तर्ज पर वेतनमान की मांग

Ticker

6/recent/ticker-posts

adv

हिमाचल में कर्मचारी असंतुष्ट: अब इस छोर से भी उठी पंजाब के तर्ज पर वेतनमान की मांग


शिमला।
हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार ने चुनावी साल में सूबे के कर्मचारियों को लुभाने के लिए अपने चार साल पुराने वादे को पूरा करते हुए पंजाब सरकार की तर्ज पर छठा वेतन आयोग लागू करने का निर्णय लिया है। सरकार पर इस निर्णय से बड़ा आर्थिक बोझ भी पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद भी कई सारे कर्मचारी संगठनों को इस नए वेतनमान में खामियां नजर आ रही हैं। 

इसी कड़ी में अब हिमाचल प्रदेश जल शक्ति विभाग में कार्यरत पंप ऑपरेटरों ने पंजाब की तर्ज पर वेतनमान प्रदान करने का आग्रह किया है। जल शक्ति विभाग पंप ऑपरेटर इकाई ने प्रदेश सरकार मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग उठाई है। सरकार से रखी प्रमुख मांगों में 2012 से संशोधित वेतनमान जो पंजाब सरकार अपने पंप ऑपरेटर कर्मचारियों को दे रही है, हिमाचल सरकार भी उसी तर्ज पर वेतनमान प्रदान करें। 

पंप ऑपरेटरों को कोरोना वॉरियर्स की श्रेणी में भी नहीं रखा 

वेतन आयोग के लाभ मिलने से पहले प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के 23 जून 2016 के फैसले को तुरंत लागू करें। हाल ही में लागू किए गए पे कमीशन में पंप ऑपरेटर श्रेणी को फिर से 2009 व 2012 की तर्ज पर 5910+1900=7810 की श्रेणी में रखा गया है, जबकि पंप ऑपरेटर तृतीय श्रेणी में आते हैं।

कोरोना काल में जब अधिकतर विभागों के कर्मचारियों ने वर्क फ्रोम होम किया, पंप ऑपरेटर ने लॉकडाउन में बिना सरकारी पास, बिना सैनिटाइजेशन सुविधा के जान जोखिम में डाल कर सेवाएं दीं। हैरानी इस बात की है कि पंप ऑपरेटरों को कोरोना वॉरियर्स की श्रेणी में भी नहीं रखा है, जो कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ