'तीसरे विकल्प से 75 फीसदी कर्मियों को नहीं होगा कोई भी फायदा' : यहां समझें क्या है पूरी बात

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'तीसरे विकल्प से 75 फीसदी कर्मियों को नहीं होगा कोई भी फायदा' : यहां समझें क्या है पूरी बात

शिमला: हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार सूबे के कर्मचारियों को इस चुनावी साल में खुश करने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रही है। इसके बावजूद सरकारी कर्मियों के कई सारे वर्ग ऐसे भी हैं, जो सरकार के तोहफों से या तो खुश नहीं हैं या उन्हें कुछ मिला ही नहीं है। 

कर्मचारी महासंघ ने दिया बयान:

उधर, हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ का मानना है कि पंद्रह फीसदी वाले तीसरे विकल्प से प्रदेश के 75 फीसदी कर्मचारियों को लाभ नहीं होगा। 26 जनवरी को महासंघ ने गूगल मीट के माध्यम से पूर्ण राज्यत्व दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं से होने वाले नुकसान पर चर्चा की। 

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान और महासचिव हीरालाल वर्मा ने कहा कि तीन फीसदी डीए की किस्त जो जुलाई से देय बनती थी, से कर्मचारियों को फायदा होगा। इसका महासंघ स्वागत करता है। 

15 फीसदी का विकल्प देना केवल मात्र कर्मचारियों की रिकवरी को रोकने में सहायक सिद्ध होगा। इससे ज्यादा इसका कोई फायदा नजर नहीं आ रहा है। 

यहां समझें पूरा गणित:

2009 से 2014 के बीच लगे केवल मात्र वही कर्मचारी इससे लाभान्वित होंगे जिनका पे बैंड 27-9-2012 की अधिसूचना से 5910-20200 से बढ़कर 10300-34800 हो गया था। 2014 के बाद लगे इस पे बैंड के कर्मचारियों को भी 15 फीसदी वाला विकल्प पहले से ज्यादा नुकसान दायक है।

इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी पे बैंड से संबंधित कर्मचारियों को इस 15 फीसदी वृद्धि वाले विकल्प का कोई फायदा नहीं हो रहा है। जो कर्मचारी एवं शिक्षक पहले से ही 10300-34800 वाले पे बैंड या इससे अधिक वाले पे बैंड में थे और 1-10-2012 से उनका ग्रेड पे संशोधित हो गया था। उनको तो 15 फीसदी वाले विकल्प से पहले की तुलना में 5000 तक के बेसिक पे में और कमी आ जाएगी।

इससे यह कर्मचारी पंजाब की तुलना में और पिछड़ जाएंगे। 2009 से पहले के कर्मचारी को भी 2.59 वाला फैक्टर ही सूट करेगा यह कर्मचारी भी 15 फीसदी  वाला विकल्प नहीं चुन पाएंगे। 

ऐसे में 15 फीसदी वाला विकल्प किसी भी तरह से कर्मचारियों के लिए फायदेमंद नहीं होगा जब तक 1-10-2012 से देय संशोधित वेतनमान में 2 साल की शर्त खत्म नहीं की जाती है और साथ में इनिशियल स्टार्ट की बहाली नहीं होती है। हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ सरकार के इस फैसले से बिल्कुल भी खुश नहीं है।

सरकार के फैसले का 15 दिन करेंगे इंतजार

बैठक के माध्यम से संयुक्त कर्मचारी महासंघ के सभी नेताओं ने कहा कि हमने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। यदि हमारे अल्टीमेटम के अनुसार सभी बातों को नहीं माना जाता है तो संयुक्त कर्मचारी महासंघ हजारों कर्मचारियों की मौजूदगी में सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेगा।

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