हिमाचल का बेटा: सिर से उठ गया पिता का साया पर नहीं छोड़ी पढ़ाई, बिना कोचिंग पास किया नीट

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हिमाचल का बेटा: सिर से उठ गया पिता का साया पर नहीं छोड़ी पढ़ाई, बिना कोचिंग पास किया नीट


कांगड़ा।
आप सबने यह कहावत तो सुन ही रखी होगी कि सोना आग में तपकर ही कुंदन बनता है। इस कहावत को सही सिद्ध कर दिखाया है, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रहने वाले शगुन चौहान ने। शगुन विकास खंड परागपुर के अंतर्गत दुर्गम क्षेत्र कटोह टिक्कर ग्राम पंचायत की कटोह (वासी) गांव के रहने वाले हैं। 

हिमाचल प्रदेश में 109वां स्थान

शगुन ने राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) में हिमाचल प्रदेश में 109वां स्थान प्राप्त किया है। शगुन ने कुल 720 में से 566 अंक प्राप्त किए हैं, जिसमें बायोलॉजी व केमिस्ट्री में परसेंटेज  99 व फिजिक्स में 97 है। 

कुछ साल पहले गुजर गए थे पिता 

सबक लेने वाली बात यह है कि वह बिना किसी कोचिंग के परीक्षा की तैयारी करते थे और उन्होंने सेल्फ स्टडी के जरिए ही यह परीक्षा उत्तीर्ण की है। शगुन के पिता नहीं हैं, कुछ वर्ष पूर्व उनका देहांत हो गया था। ऐसे में पिता के साए के बिना जीवन बसर करते हुए पढ़ाई करना उनके लिए काफी कठिन रहा, लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी। 

बचपन से थी था डॉक्टर बनने का सपना 

वहीं, अब शगुन की माता अपने बेटे की सफलता पर खुश हैं। शगुन ने कहा कि उसकी इस उपलब्धि का श्रेय उसकी मेहनत के साथ उसके अध्यापकों और परिवारजनों को जाता है। बता दें कि शगुन ने बारहवीं तक की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सलेटी से की है। 

उन्होंने बताया कि डॉक्टर बनने का सपना उनका बचपन से ही है। अब उनका लक्ष्य टांडा मेडिकल कालेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से शिक्षा हासिल करके अच्छा डाक्टर बनकर समाज की सेवा करने का है।

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