शहीद हुए राकेश के घर मातम: माता-पिता बेसुध, छह माह के मासूम को गोद में लिए बिलख रही पत्‍नी

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शहीद हुए राकेश के घर मातम: माता-पिता बेसुध, छह माह के मासूम को गोद में लिए बिलख रही पत्‍नी


कांगड़ा।
अरुणाचल प्रदेश में आए बर्फीले तूफ़ान में बीते कल 7 जवान शहीद हो गए थे। इन जवानों में हिमाचल के दो बेटों ने अपनी जान गंवाई है। बिलासपुर जिले के घुमारवीं निवासी अंकेश भारद्वाज इस हादसे में शहीद हुए हैं।

इसके अलावा हिमाचल के कांगड़ा जिला स्थित बैजनाथ (कंदराल) के रहने वाले 26 वर्षीय राकेश सिंह भी देश की सेवा करते हुए अपनी जान गंवा बैठे। बता दें कि राकेश सिंह भी अंकेश की तरह ही 19 जैक बटालियन में तैनात थे।

चार माह पहले बने थी पिता-छोड़ गए भरा पूरा परिवार 

राकेश सिंह चार महीने पहले ही पिता बने थे और उनकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया था। बैजनाथ के शहीद राकेश कुमार अपने पीछे बूढ़े माता पिता, पत्नी व 4 माह का बेटा छोड़ गए हैं। उनकी बीमार माता व पत्नी को अभी शहादत की सूचना नहीं दी गई है, लेकिन गांव में मातम पसरा हुआ है। 

राकेश कुमार पुत्र जिगरी राम 7 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। सवा साल पहले उनकी शादी हुई थी। पिता जिगरी राम सेना से रिटायर हुए हैं। राकेश 4 महीने पहले छुट्टी पर घर आये थे।

परिवार ने कभी नहीं सोचा था ऐसा..

पिता जिगरी राम पूर्व नायक हैं और सेना से सेवानिवृत हुए हैं, जबकि माता संध्या देवी व पत्नी अंजलि देवी हैं। बलिदानी राकेश का छह माह का बेटा है। बलिदानी का विवाह 2020 अक्टूबर में बंदला की अंजलि से हुआ था। परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि उनका बेटा इस तरह से ड्यूटी करते हुए देश के लिए कुर्बान हो जाएगा।

बलिदानी के घर गांव व क्षेत्र में शोक है। बलिदानी के माता-पिता बेटे के अचानक गुजर जाने के सदमे में हैं, वहीं पत्‍नी छह माह के बच्‍चे को गोद में लिए बिलख रही है। स्‍थानीय प्रशासन सहित लोग बलिदानी के परिवार का हौसला बढ़ाने के लिए पहुंच रहे हैं।

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