बजट सत्र: कांग्रेसी विधायक पंजाबी में बोले, तो विस अध्यक्ष ने कहा- हिंदी में करें बात नहीं है ट्रांसलेटर

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बजट सत्र: कांग्रेसी विधायक पंजाबी में बोले, तो विस अध्यक्ष ने कहा- हिंदी में करें बात नहीं है ट्रांसलेटर


शिमलाः
हिमाचल प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान आज विपक्ष द्वारा स्थगन प्रस्ताव रखा गया था, जिसे स्पीकर द्वारा नामंजूर कर दिया गया। ऐसे में विपक्ष ने सदन में ही हंगामा कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करना शुरु कर दिया। इस बीच कांग्रेस के विधायक सरकार पर कर्मचारियों से अलोकतांत्रिक व्यवहार करने का मुद्दा उठाते हुए वेल में चले गए।

अध्यक्ष बोलेः हिंदी में करें बात

विपक्ष के हंगामे के बीच ही स्पीकर ने सदन में प्रश्नकाल शुरु किया। इस दौरान जब जिला ऊना से कांग्रेस विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने पंजाबी में अपनी बात करनी चाही तो विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने उन्हें कहा कि हमारे पास ट्रांसलेटर नहीं है। हिंदी में बात करें। प्रशनकाल के दौरान मंत्री सत्तापक्ष के विधायकों द्वारा पूछे गए सवालों का ही जवाब देते रहे और करीब 11 बजकर 17 मिनट पर विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया।

मुख्यमंत्री बोलेः विकास दर 8.3 प्रतिशत अनुमानित

विपक्ष के वाकआउट करने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कहते हैं कि इन्होंने बहुत बड़ा काम नहीं किया है। कर्मचारियों के लिए वर्तमान सरकार संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि पंजाब के नए स्केल के आने के बाद सरकार ने वह सब कुछ किया है, जो संभव है। कांग्रेस में नेतृत्व का संकट है और इससे इसी बात के सबूत मिले हैं। 

सीएम कहते हैं कि सीपीएम वाले इन्हें बता रहे थे कि कैसे नारेबाजी करनी है। इन्होंने अपनी पार्टी सीपीएम को आउटसोर्स कर दी है। देश में पूरी कांग्रेस पार्टी ही आउटसोर्स होने वाली है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सदन में कर्मचारियों से भी अपील की कि वे अपनी मांग को शांतिपूर्वक तरीके से रखें। इसके अलावा आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ने कहा कि इस बार प्रदेश की विकास दर 8.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

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