कांग्रेस के नए फॉर्मूले से हिमाचल में खलबली: एक जिले के सात नेताओं का कट सकता टिकट, जानें

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कांग्रेस के नए फॉर्मूले से हिमाचल में खलबली: एक जिले के सात नेताओं का कट सकता टिकट, जानें


शिमलाः
हिमाचल प्रदेश में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। इस बीच प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पांच राज्यों में मिली हार के बाद कल नई दिल्ली स्थित 10 राजपथ में हिमाचल कांग्रेस पार्टी के नेताओं की बैठक बुलाई थी।

बैठक में चर्चा के बाद कांग्रेस पार्टी की ओर से आगामी विधानसभा चुनावों के लिए नया फार्मूला तय किया है। इसके तहत जो प्रत्याशी चुनावों में दो बार हारे हैं या फिर जिनकी जमानत जब्त हुई है तथा जो नेता बुजुर्ग हो चुके हैं उन्हें इस बार टिकट नहीं दिया जाएगा। ऐसे में उनके स्थान पर नए और युवा चेहरे को चुनावों में मौका दिया जाएगा। 

अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं तथा चुनाव में हारे प्रत्याशियों की परेशानियां बढ़ने वाली हैं। वहीं, इस बदले हुए फार्मूले का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की राजनीति पर। दरअसल, यहां के करीब आधा दर्जन नेताओं के राजनीतिक भविष्य पर तलवार लटक गई है। 

ये रही उन नेताओं की कारण सहित लिस्ट 

  • धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी विजय इंद्र कर्ण की जमानत जब्त हुई है।  
  • शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां कांग्रेस के प्रत्याशी केवल सिंह पठानिया लगातार दो बार चुनाव हारे हैं।
  • वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की बात करें तो जवाली से चंद्र कुमार सीनियर व बढ़ती उम्र के नेता हैं।
  • देहरा विधानसभा क्षेत्र से विप्लव ठाकुर भी चुनाव हारी हैं और सीनियर व बढ़ती उम्र की नेता हैं।
  • जयसिंहपुर से मिल्खी राम गोमा के बेटे यादवेंद्र गोमा विधायक थे पर पिछला चुनाव हारे हैं। 
  • इंदौरा कांग्रेस कमल किशोर चुनाव हारे हैं।

ऐसे में अगर कांग्रेस के नए फार्मूले को ध्यान में रखकर देखा जाए तो इन नेताओं का टिकट काटना लगभग लगभग तय ही है। 

इनके टिकट पर तलवार नहीं 

  • धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र से सुधीर शर्मा पर एक बार फिर पार्टी जाता सकती है भरोसा। 
  • नगरोटा बगवां से वरिष्ठ नेता स्व।जीएस बाली अब इस दुनिया में नहीं है। वह भी पिछला चुनाव हारे थे अब कांग्रेस यहां से उनके बेटे को चेहरा बना रही है। 
  • फतेहपुर में सुजान सिंह पठानिया के देहांत के बाद उनका बेटा भवानी पठानिया उपचुनाव में विधायक बने हैं। 
  • पालमपुर से पूर्व मंत्री व वरिष्ठ नेता बृज बिहारी लाल बुटेल के बेटे आशीष बुटेल विधायक हैं। 
  • कांगड़ा से पवन काजल कांग्रेस के विधायक है। लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद भी इनकी टिकट फाइनल मानी जा रही है। 

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