हिमाचल में आज भी पाला बदल और इस्तीफों का दौर जारी: जानें कौन हैं ये चेहरे और क्या होगा असर

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हिमाचल में आज भी पाला बदल और इस्तीफों का दौर जारी: जानें कौन हैं ये चेहरे और क्या होगा असर


शिमला।
पंजाब चुनाव में जीत हासिल करने के बाद हिमाचल प्रदेश में आम आदमी पार्टी की एंट्री हो चुकी है। इसके बाद से सूबे की सियासत में खलबली मची हुई और नेताओं द्वारा पाला बदलने इस्तीफ़ा देने का सिलसिला काफी तेज हो चुका है। इसी कड़ी में आज भी कई नेताओं ने अपनी पार्टी को इस्तीफ़ा सौंपा और कुछ ने आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया। तो आइए जानते हैं कौन-कौन से ये नेता है:- 

सीएम के गृह जिले के माकपा नेता संतराम आप के हुए 

आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह हलके सराज में एक बड़ी सेंध लगाई है। आप ने माकपा नेता एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य संतराम को अपने कुनबे में शामिल कर लिया है।

बता दें कि संतराम को सराज हलके से आम आदमी पार्टी का टिकट मिलना लगभग तय माना जा रहा है। संतराम सराज में माकपा का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। कई दिनों से उनके आप में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। शुक्रवार को दिल्ली पहुंच संतराम आप के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिले। उन्हें सराजी शाल भेंट कर आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है। 

लाहुल पोटेटो सोसायटी के चेयरमैन भी आप में शामिल

लाहुल पोटेटो सोसायटी (एलपीएस) के चेयरमैन सुदर्शन जसपा आप (आम आदमी पार्टी) में शामिल हो गए हैं। सुदर्शन जसपा ने शुक्रवार को दिल्ली में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भेंट की और पार्टी में शामिल हुए।

उनके आप में चले जाने से जनजातीय जिला लाहुल-स्‍पीति की राजनीति गरमा गई है। सुदर्शन जसपा अधिवक्ता भी हैं और जिला परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं।

राष्ट्रीयवादी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

जनता के समर्थन के बाद रविन्द्र सिंह डोगरा ने पार्टी कार्यालय में अपना इस्तीफा सौंप दिया है। अब आजाद उम्मीदवार के रूप में रविन्द्र सिंह डोगरा मैदान में उतरेंगे। हालांकि अभी उनका किसी भी पार्टी में जाने का कोई विचार नहीं है।वहीं, रविन्द्र सिंह डोगरा ने कहा कि उनका पहला लक्ष्य समाज सेवा है। लोगों के काम पहले की तरह एक समाजसेवी के रूप में वह करते रहेंगे।

बता दें कि अचानक दिए इस्तीफे से शीर्ष नेतृत्व हैरान है। रोकने व कुछ समय सोचने के लिए प्रभारी ने कहा परंतु डोगरा ने इस्तीफा वापिस नहीं लिया।

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