हिमाचल से चरस लेकर जाता था हरियाणा रोडवेज का ड्राइवर: कई बार सप्लाई करने के बाद अरेस्ट

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हिमाचल से चरस लेकर जाता था हरियाणा रोडवेज का ड्राइवर: कई बार सप्लाई करने के बाद अरेस्ट


कुल्लू।
हिमाचल प्रदेश से नशे की तस्करी होती है- यह बात सच है और किसी से छिपी भी नहीं। देश भर में हिमाचल की चरस की हाई डिमांड होने के कारण तस्कर अलग-अलग तरीके से तस्करी चरस को सूबे के बाहर ले जाते हैं और काफी ऊंचे दामों पर बेचते हैं। 

इसी सिलसिले में सूबे से प्रदेश के बाहर की जाने वाली चरस तस्करी से जुड़ा एक बड़ा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, हरियाणा के पानीपत जिला पुलिस की सीआईए थ्री टीम ने नशा तस्करी में संलिप्त हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। 

मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली से मनाली रूट पर तैनाती के दौरान आरोपी ड्राइवर मनोज पुत्र सतबीर निवासी गांव बड़ी सोनीपत चरस तस्कर गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर हिमाचल प्रदेश से चरस की तस्करी कर गन्नौर में कृष्ण निवासी पांची को देता था।

बताया गया कि इसके एवज में आरोपी मनोज नशा तस्कर कृष्ण से मोटी रकम लेता था। पुलिस पूछताछ में आरोपी मनोज ने बताया कि नशा तस्करी के अवैध काम में कृष्ण के साथी हिमाचल प्रदेश निवासी मुकेश से वह 24 फरवरी को भी चरस लेकर आया था और गन्नौर में कृष्ण को दी। 

पुलिस रिमांड के दौरान हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर का नाम का हुआ खुलासा

पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपी कृष्ण ने बताया की उसके हिमाचल प्रदेश के काथी मिताली कुल्लू में ससुराल है। ससुराल में मुकेश पुत्र प्रेमचंद चरस की खरीद फरोख्त का अवैध काम करता है। कुछ माह से उसने भी मुकेश के साथ चरस तस्करी का अवैध काम शुरू किया था। 

इसी दौरान हिमाचल जाते समय उसकी दिल्ली से मनाली जाने वाली हरियाणा रोडवेज की बस पर तैनात ड्राइवर मनोज पुत्र सतबीर निवासी बड़ी सोनीपत से मुलाकात के बाद जान पहचान हो गई। मनोज भी चरस का सेवन करता था, तो उसने मनोज को अपने चरस तस्करी के अवैध काम के बारे में बताया और उसकी मुलाकात मुकेश से करवा दी। 

मनोज भी शॉर्ट कट तरीके से पैसे कमाने के लिए उनके साथ नशा तस्करी में शामिल हो गया। कृष्ण का हिमाचल में जाना नही होता था तो तब मुकेश हिमाचल में मनोज को बस में चरस पकड़ा देता था और मनोज गन्नौर पहुंचने पर कृष्ण को चरस दे देता था। ऐसा कई बार हुआ इसके बदले में आरोपी कृष्ण मनोज को पैसे देता था।

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