हिमाचल: बढ़ते तापमान के बीच सूखे की चपेट में स्टेट लाइब्रेरी, शौचालय भी महीने में एक बार साफ़ होता

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हिमाचल: बढ़ते तापमान के बीच सूखे की चपेट में स्टेट लाइब्रेरी, शौचालय भी महीने में एक बार साफ़ होता


सुरिंदर ठाकुर/शिमला।
हिमाचल प्रदेश के लोगों पर बीते चार-पांच दिनों से सूर्य देवता मेहरबान हैं। ठंड के मौसम के बाद सूबे भर में खिल रही धूप ने तापमान में इजाफा कर दिया है। इस सब के बीच सूबे की राजधानी शिमला में स्थित स्टेट लाइब्रेरी सूखे की चपेट में आ गई है। 

600 से अधिक छात्रों की जुटती है भीड़ 

मिली जानकारी के अनुसार भारत रत्न डॉ भीम राव अंबेडकर राज्य पुस्तकालय में बीते 5 दिनों से छात्रों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं लाइब्रेरी में आकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले इन छात्रों ने यह भी बताया है कि ये ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि यहां पानी की समस्या हुई है। इसके बावजूद भी हर बार की तरह प्रशासन ने इस बार भी यहां की समस्या का समाधान करने के बजाय अपना मुंह फेर लिया है। 

बता दें कि लाइब्रेरी में 600 से अधिक छात्र ऐसे आते हैं, जो कि किसी ना किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। ऐसे में अगर उन्हें पढने के उपयुक्त माहौल मुहैया नहीं हो पाएगा, तो भविष्य बनाने के लिए उनके द्वारा किया जा रहा संघर्ष और भी दूभर हो जाएगा। 

शौचालयों का भी है बुरा हाल 

छात्रों के मुताबिक़ इन समस्याओं के संबंध में शिकायत करने पर उन्हें यह जवाब मिलता है कि हम कुछ नहीं कर सकते। छात्रों की मानें तो पानी के अलावा लाइब्रेरी के शौचालयों की स्थिति भी बाद से बदतर हो रखी है। इन शौचालयों को महीनें में मात्र एक बार साफ़ कराया जाता है। वहीं, कई बार तो ऐसी नौबत भी आ जाती है कि मूत्रालय ब्लॉक हो जाने पर वो पूरे फर्श पर बिखर जाता है। 

विधानसभा में भी उठा था मामला 

लाइब्रेरी की स्थित को देखकर तो ऐसा ही लगता है कि जैसे मानो प्रशाशन ने स्वच्छ भारत मिशन का जनाज़ा निकालने का प्रण ले रखा हो। प्रदेश विधानसभा की मुख्य लोकेशन पर स्थित होने के बावजूद यहां की ऐसी बदहाल स्थित होना चिंतनीय है। 

हाल ही में कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने भी लाइब्रेरी का मुआयना कर स्टाफ को कड़ी फटकार लगाईं थी और विधानसभा में भी यहां की अव्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए थे। वहीं, इतना सब होने के बावजूद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। इसके अलावा छात्रों के सामने लाइब्रेरी में कम सीट होना भी एक बड़ी समस्या है। 

कई छात्रों को नहीं मिल पाती है सीट 

यहां सुबह 6 बजे से ही छात्रों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है, ऐसे में थोडा भी लेट होने पर कई दफा ढेरों छात्र लाइब्रेरी में सीट पाने से वंचित रह जाते हैं। बता दें कि स्टेट लाइब्रेरी की देखरेख का जिम्मा उच्च शिक्षा निदेशालय के पास हैं। 

वहीं, छात्रों ने कई बार निदेशालय से हफ्ते भर रोजाना 24 घंटे लाइब्रेरी खोलने के संबंध में भी गुहार लगाई है, लेकिन इसका कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। ऐसे में हम इस खबर के माध्यम से उम्मीद करते हैं कि प्रशासन छात्रों की इन समस्याओं की सुध लेगा और लाइब्रेरी का कायाकल्प करने के लिए ठोस कदम भी उठाएगा। 

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