जयराम कैबिनेट की बैठक आज: इन बातों पर होगा मंथन, ये फैसले लिए जा सकते- जानें

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जयराम कैबिनेट की बैठक आज: इन बातों पर होगा मंथन, ये फैसले लिए जा सकते- जानें


शिमला।
हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आज अहम बैठक होने जा रही है। बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार द्वारा यह तीसरी बार कैबिनेट बुलाई गई है। सोमवार को हो रही मंत्रिमंडल की यह बैठक कई मायनों में काफी अहम मानी जा रही है। इस बैठक में सरकार द्वारा ओल्ड पेंशन स्कीन बहाल करने तथा आउटसोर्स पर तैनात कर्मियों के लिए नीति बनाने संबंधित कई अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। बैठक 10 बजे सचिवालय में होगी।

झुग्गी-झोपड़ी वालों को मालिकाना देकर वोट साधेगी सरकार 

सरकार असमंजस में है कि झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीबों को उस जमीन का मालिकाना हक दिया जाए या नहीं। सरकार के अधिकारियों में चल रही ऐसी स्थिति को देखते हुए सोमवार को सचिवालय में होने वाली प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा के लिए यह विषय लाया जा रहा है। 

मंत्रिमंडल में यदि सहमति बनती है तो शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों को झुग्गी वाली जमीन का मालिकाना हक मिल सकता है। केंद्र सरकार ने इस तरह का पहले ही निर्णय लिया है। इसके तहत गरीब चिंतामुक्त होकर रहने लगे हैं।

आउटसोर्स कर्मियों की समस्याओं का होगा निपटारा 

इसी तरह कैबिनेट में आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर सरकार कुछ निर्णय ले सकती है, क्योंकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने तीन रोज पहले आउटसोर्स कर्मचारियों के विधानसभा घेराव के दौरान इनके लिए पॉलिसी को लेकर उचित कार्रवाई का आश्वसन दिया था। कैबिनेट में 2014 के बाद भर्ती पुलिस कर्मियों को भी दो साल बाद रेगुलर पे-बैंड देने, 225 दिन आंदोलन कर रहे करुणामूलक आश्रितों को लेकर भी कुछ निर्णय संभावित है। 

ये फैसले ले सकती है सरकार

शहरी रोजगार गारंटी योजना में युवाओं को 120 दिन का रोजगार दिया जाना है।

सरकारी कर्मचारियों को खुश करने के लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली हो सकती है। 

बैठक में कर्मचारियों से जुड़े विषयों के अलावा विधानसभा बजट सत्र के दौरान लाए जाने वाले संशोधनों को मंजूरी दी जा सकती है। 

मुख्यमंत्री की तरफ से हाल ही में की गई घोषणाओं पर भी स्वीकृति की मोहर लग सकती है। 

बैठक में कई संस्थानों का दर्जा बढ़ाए जाने का निर्णय लिया जा सकता है। 

आबकारी नीति का ड्राफ्ट भी तैयार है। कैबिनेट को फैसला लेना है कि शराब के ठेकों को रिन्यू करना है या फिर नए सिरे से ठेकों की नीलामी की जानी है। 

इसके साथ ही विभिन्न विभागों में खाली पदों को भरने संबंधी निर्णय लिया जा सकता है।

सीएम ने बजट में गौवंश को बेसहारा छोड़ने वालों के लिए नए कानून की घोषणा की है, लेकिन ये कानून इसी सत्र में आएगा या नहीं, ये कैबिनेट में तय होगा।

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