सलाम 108: दूसरे अस्पताल रेफर हुई प्रसूता की बिगड़ी हालत, रास्ते में करवाया सफल प्रसव

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सलाम 108: दूसरे अस्पताल रेफर हुई प्रसूता की बिगड़ी हालत, रास्ते में करवाया सफल प्रसव


सिरमौर।
स्वास्थय कर्मियों और डॉक्टर्स को भगवान का दर्जा क्यों दिया जाता है। इस खबर को पढ़कर आप बखूबी समझ जाएंगे। ताजा मामला प्रदेश के सिरमौर जिले स्थित शिलाई उपमंडल का है। जहां हलांहा के कुकड़ेच गांव की रहने वाली 22 वर्षीय महिला पूजा देवी को अत्यधिक प्रसव पीड़ा होने के चलते अस्पताल ले जाया गया। 

मौके की नजाकत समझ रास्ते में करवाया प्रसव 

इसके बाद यहां अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने मामले को हाई रिस्क का बताते हुए डिलीवरी के लिए पांवटा साहिब के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद जब सुबह सात बजे के समय महिला दूसरे अस्पताल ले जाया जाने लगा तो रास्ते में ही महिला की तबियात और अधिक नासाज होने लग पड़ी। 

ऐसे में 108 में मौजूद ईएमटी नरेश चौधरी और पायलट दीपराम ने मौके की नजाकत को समझते हुए सतौन के आसपास ही गाडी को सड़क के किनारे लगाया और महिला का सफल प्रसव करवा दिया। महिला की गोद में बेटे की किलकारी गूंजी है।  

व्यवस्था पर उठ रहे सवाल पर ये कर्मी बधाई के पात्र 

अब एक तरफ जहां अस्पताल प्रबंधन और अन्य सेवाओं को लेकर ढेरों सवाल खड़े किए जा रहे हैं। वहीं, महिला के परिवारजन समेत अन्य लोग ईएमटी नरेश चौधरी और पायलट दीपराम की तारीफ करते नहीं थक रहे। ताजा अपडेट के अनुसार अब जच्चा व बच्चा पांवटा अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। 

वहीं, इस पूरे मसले पर अपनी बात रखते हुए जिला प्रभारी मनोज कोठारी ने कहा कि शिलाई अस्पताल से पांवटा अस्पताल की दूरी काफी ज्यादा है। अस्पताल प्रशासन को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। ताकि किसी भी मरीज को परेशानी न हो। कहा कि ईएमटी व पायलट बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने जटिल प्रसव को आसान बनाकर सफलतापूर्वक कार्य किया है।

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