हिमाचल की पहली महिला ट्रक चालक: 12 साल पहले उजड़ा था सुहाग- तब से उठा रही परिवार का जिम्मा

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हिमाचल की पहली महिला ट्रक चालक: 12 साल पहले उजड़ा था सुहाग- तब से उठा रही परिवार का जिम्मा


कालिंदी कुमारी/सोलनः कहते हैं जीवन में कितनी ही मुश्किलें क्यों ना आ जाएं अगर हौसला बुलंद हो तो आपको कामयाब होने से कोई नहीं रोक सकता। ऐसा ही एक किस्सा है हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से जुड़ा हुआ। जहां एक विधवा महिला ने बिना किसी की परवाह किए ट्रक चलाना शुरु किया और वह प्रदेश की पहली महिला ट्रक चालक हैं। हम बात कर रहे हैं जिले के पिपलुघाट की रहने वाली 39 वर्षीय महिला नीलकमल की। 

12 साल पहले पति को खोया

बता दें कि नीलकमल के लिए ये सफर इतना आसान नहीं था। 12 साल पहले उन्होंने एक सड़क हादसे में अपने पति को खो दिया। उस समय उनका पुत्र मात्र पांच वर्ष का था, जबकि उनके पिता पहले ही अधरंग से ग्रसित होकर बिस्तर पर पड़े हैं। ऐसे में पति के गुजर जाने के बाद मानों उनकी दुनिया ही उजड़ गई परंतु फिर भी नीलकमल ने हिम्मत रख कर अपने परिवार को संजोए रखा।

ट्रक चलाना सीखा फिर बनी अनुभवी चालक

उनके घर की आमदनी का एकमात्र सहारा ट्रक से होने वाली कमाई थी, जिसकी सारी कमाई ट्रक के फाइनांसर खा रहे थे। ऐसे में नीलकमल ने ट्रक चलाने का निर्णय लिया। नीलकमल छोटी गाड़ी तो चला लेती थी परंतु ट्रक चलाने का उनके पास कोई अनुभव नहीं था। ऐसे में उनके किसी जानकार ने उन्हें ट्रक चलाना सिखाया और देखते ही देखते वह एक पेशेवर महिला ट्रक चालक बन गईं। 

10 सालों से चला रहीं ट्रक

अपनी मेहनत और लगन के दम पर नीलकमल ने अपने ट्रक को फाइनांसर से छुड़वा लिया। इसके उपरांत कुछ सालों बाद अपनी कमाई से दूसरा ट्रक भी खरीद लिया। नीलकमल लगभग 10 सालों से ट्रक चला रही हैं। इसके अलावा उन्होंने घर पर 16 गाए भी रखीं हैं। 

हर दिन वह करीब 100 लीटर दूध बेचती हैं। कुल मिलाकर वह एक माह में एक लाख रुपए तक कमा लेती हैं। वह अपने परिवार को पालने सहित अपने माता पिता का भी सहारा बनी हुई हैं। अपने भाई के बच्चों के भरण पोषण का सारा खर्चा वह खुद ही कर रही हैं। 

जानें क्या बोलीं प्रदेश की पहली महिला ट्रक चालक

इस संबंध में जानकारी देते हुए नीलकमल करती हैं कि ट्रक चालक का पेशा महिलाओं के लिए इतना आसान नहीं है। आमतौर पर लोग ट्रक चालक को सम्मान भरी नजरों से नहीं देखते हैं और जब महिला ट्रक चालक हो तो नजरिया और भी अधिक गंदा हो जाता है। 

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रात को अकसर शराबी उलझ जाते हैं, लेकिन इनकी कभी परवाह नहीं की। लंबे रूट पर दिन-रात ट्रक चलाना पड़ता है। नीलकमल कहती हैं कि अब काफी लड़कियां वाहन चला रही हैं। हालांकि, पेशेवर चालक बनने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है।

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