हिमाचलः वनसंपदा को बचाते वक्त झुलसा वनरक्षक, पीजीआई ले गए पर..

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हिमाचलः वनसंपदा को बचाते वक्त झुलसा वनरक्षक, पीजीआई ले गए पर..


ऊनाः हिमाचल प्रदेश में जंगल की आग बुझाते वक्त झुलसे एक वनरक्षक की पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई। मामला प्रदेश की ऊना जिले के तहत आते उपमंडल बंगाणा की सैली बीट के जंगल का है। मृतक अपने पीछे दो बच्चे तथा पत्नी को छोड़ गया है।

49 वर्षीय वनरक्षक की गई जान

मृतक की पहचान 49 वर्षीय राजेश कुमार निवासी गांव बदोली, ऊना के तौर पर हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक बीते शक्रवार यानी 20 मई को सुबह के समय वन कर्मचारियों का एक सूमह जंगल में लगी आग को बुझाने के कार्य में लगा हुआ था। इस दौरान देर शाम तक कर्मचारियों ने आग पर तो काबू पा लिया परंतु तेज हवाएं चलने के कारण राजेश आग की लपटों के चपेट मे आकर बुरी तरह से झुलस गए।

90 प्रतिशत तक जल चुका था शरीर

इस दौरान उन्हें उपचार हेतु क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक उपचार देने के बाद हालत ज्यादा गंभीर होने के चलते उन्हें आगामी उपचार हेतु पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। इस घटना में उनका शरीर 90 प्रतिशत तक जल चुका था, जिसकी तपन वह सहन नहीं कर पाए और इस वजह से उनकी जान चली गई।

उधर, घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही हादसे के संबंध में मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

वन्य जीव प्रेमी थे राजेश

राजेश कुमार वन्य जीव प्रेमी थे। उन्होंने 15 वर्षों तक वन विभाग तक डिस्पैटर के पद पर सेवाएं दी। इसके उपरांत उनका चयन इसी साल वन रक्षक के पद पर हुआ। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने वन संपदा की सुरक्षा की तथा कई जीव जंतुओं की जिंदगियां बचाई। इस बीच खुद जंगल की आग की चपेट में आने के कारण उनकी जान चली गई।

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