हिमाचल पुलिस के ASI ने जेब से 2 लाख खर्च कर गौशाला को दी जलधारा, पेश की मिसाल

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हिमाचल पुलिस के ASI ने जेब से 2 लाख खर्च कर गौशाला को दी जलधारा, पेश की मिसाल


हमीरपुरः
तपती गर्मी ने इंसानों का ही नहीं बल्कि जानवरों का भी जीना मुश्किल कर रखा है। इंसान बोल कर अपनी बात को व्यक्त तो कर सकते हैं परंतु जानवर किससे कहेंगे। इस बीच मानवता की मिसाल पेश करते हुए हमीरपुर जिले के बिझड़ी चौकी प्रभारी अनिल कुमार ने सठवीं पंचायत के दखयोडा में निर्मित गौशाला में करीब 2 लाख रुपए की लागत का बोरवेल लगवाया है।

मिली जानकारी के मुताबिक इस गौशाला में तकरिबन चार दर्जन से अधिक बैल व गउओं को रखा गया है। परंतु यहां पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। भीषण गर्मी के चलते खड्डों का पानी भी सूख चुका है। इन्हें जल आपूर्ति के लिए जलशक्ति विभाग पर निर्भर रहना पड़ता था। परंतु आजकल पड़ रही गर्मी के कारण पशुओं के लिए पानी की आपूर्ति कर पाना मुश्किल हो रहा था ।

प्रतिनिधियों ने नहीं की कोई कार्रवाई

इस समस्या के बारे में कई दफा विधानसभा बड़सर के प्रतिनिधियों तथा पंचायत प्रतिनिधियों को भी अवगत करवाया गया। परंतु बावजूद इसके किसी ने इसकी कोई सुध नहीं ली। वहीं, जैसे ही इस बात का पता बिझड़ी पुलिस थाना प्रभारी अनिल कुमार को पता चला तो वे तुरंत गौशाला का दौरा करने पहुंचे।

लोग कर रहे प्रशंसा

जहां उन्होंने गर्मी से झुलसे पशुओं को देखा तो तुरंत अपनी जमा पुंजी से बोरवेल लगाने की हामी भर दी। वहीं, अब बीते कल गौशाला में बोरवैल को स्थापित करवा दिया। उनके इस कृत्य के लिए इलाके में सभी उनकी काफी प्रशंसा कर रहे हैं। अब फिटिंग का कार्य होने के बाद भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। उनके इस कृत्य के लिए हर जगह प्रशंसा हो रही है।

ASI बोलेः प्रशंसा बटोरने के लिए नहीं किया

इस संबंध में जानकारी देते हुए अनिल कुमार ने कहा कि गौ सेवा में एक छोटा सा योगदान बताया। यही नहीं एएसआई अनिल कुमार कहते हैं कि मैंने ये गौ सेवा प्रशंसा बटोरने के लिए नहीं की है, बल्कि गौ माता की सेवा करना तो हम सबका धर्म है। उन्होंने कहा कि आगे भी इस गौशाला के लिए जो संबंध हो पाएगा, करुंगा।

लोगों की मानें तो पंचायत ने लाखों रुपए ख़र्च कर जल संग्रहण टैंक तो बनवा दिया, परन्तु उसमें पानी का संग्रहण करने का कोई प्रावधान नहीं किया। इसके अलावा गौशाला के अन्य कार्य भी अधूरे पड़े हैं। उधर खंड विकास अधिकारी बिझड़ी से संपर्क किया गया तो उन्होंने बजट की कमी का हवाला दिया।

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