हिमाचल: परिवार के इकलौते सहारा रोहित ने आठ माह पहले शुरू किया था कैंपिंग साइट का काम

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हिमाचल: परिवार के इकलौते सहारा रोहित ने आठ माह पहले शुरू किया था कैंपिंग साइट का काम


मंडी/कुल्लू।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले स्थित मणिकर्ण की चोझ घाटी में बादल फटने की घटना होने के बाद से पूरा इलाका तबाही का शिकार हुआ नजर आ रहा है। इसी बादल फटने की घटना के बाद आई बाढ़ में बहकर कई सारे लोग लापता हो गए हैं।

इन्हीं लापता लोगों में एक नाम शामिल है मंडी जिले स्थित सुंदरनगर के कलौहड़ निवासी रोहित कुमार शर्मा का। जो अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। रोहित ने आठ माह पहले ही कैंपिंग साईट का काम शुरू किया था और इसी के सहारे अपने पूरे परिवार का भरण पोषण कर रहा था।

लापता हुए रोहित की बहन पूजा शर्मा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को उन्होंने अपने भाई से फोन पर बात की थी। उस वक्त रोहित ने कहा था कि अब काम धीरे-धीरे बढ़ने लगा है और जल्द ही परिवार की साड़ी दिक्कतें समाप्त हो जाएंगी।

पूजा के मुताबिक़ जब बुधवार को उसे रोहित के लापटा होने की खबर लगी तब उसे विश्वास था कि उसका भाई सही सलामत वापस घर को लौट आएगा। पूजा ने अबतक अपनी मां को भाई के लापता होने की जानकारी नहीं दी है। पूजा और रोहित के पिता तारा चंद शर्मा का 2005 में किन्नौर में एक सड़क हादसे में निधन हो गया था।

उस वक्त दोनों भाई बहन काफी छोटे थे। ऐसे में उनकी मां मीना शर्मा ने स्कूल में मिड डे मिल वर्कर के रूप में काम कर बच्चों का पालन पोषण किया। आज के वक्त में पूजा अभिलाषी कॉलेज में एम फार्मेसी कर रही है। उसने बताया कि वह पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए एक प्राइवेट फर्म में काम भी करती है।

वहीं, लापता चल रहा उनका भाई रोहित इलेक्ट्रानिक्स में आईटीआई कर चुका है। वह बीते दो साल से मणिकर्ण में काम कर रहा था। घटना के आठ माह पहले ही उसने अपना काम शुरू किया है। चार दिन पहले कॉलेज के टुअर के दौरान भी वह भाई की कैंपिंग साइट को देखने और अपने दोस्तों को दिखाने गई थी।

उस दौरान भाई से भविष्य की योजनाओं को लेकर खूब बातें हुई थी। पूजा ने कहा कि भगवान की दया से उसका भाई सही सलामत होना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो मां इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाएंगी। उन्होंने सरकार से उसके भाई सहित अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाने की मांग की है।

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